फैक्ट्री में 6 साल से काम कर रहा हूँ, पर स्टार-डेल्टा की कंट्रोल वायरिंग कभी पूरी तरह समझ नहीं आई थी। इस किताब में डायग्राम के साथ इतना साफ़ समझाया है कि अब खुद पैनल तैयार कर लेता हूँ।

जो रोज़ पैनल और मोटर पर काम करते हैं
इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रीशियन, पैनल टेक्नीशियन, ITI इलेक्ट्रीशियन और कॉन्ट्रैक्टर
पैनल में कौन-सा कंपोनेंट कहाँ और क्यों लगता है — MCB, MCCB, कॉन्टैक्टर, रिले — सब एक जगह मिल गया। हिंदी में होने से पढ़ने में बहुत आसानी रही, और टेक्निकल नाम वही हैं जो साइट पर बोलते हैं।
ITI के बाद पहली नौकरी में बहुत कुछ नया था। ट्रांसफॉर्मर, अर्थिंग और डिस्ट्रीब्यूशन वाला हिस्सा बहुत काम आया। इंटरव्यू में भी जो पूछा गया, उसका जवाब इसी किताब से तैयार किया था।
मेंटेनेंस में रोज़ ट्रिपिंग, मोटर गर्म होना और स्टार्टर फॉल्ट आते हैं। फॉल्ट ढूंढने वाले हिस्से से अब अंदाज़े से पार्ट नहीं बदलता, पहले चेक करता हूँ। काम जल्दी और सही होता है।
अपने लड़कों को ट्रेनिंग देने के लिए लिया था। दोनों किताबें मिलाकर पावर सिस्टम से लेकर पैनल और मोटर कंट्रोल तक पूरा कवर करती हैं। अब नए लड़के जल्दी सीख रहे हैं।
आपके सवाल, हमारे जवाब
दो किताबें — 155 प्रैक्टिकल टॉपिक, 26 भाग और 165 पेज।
बुक 1 — विद्युत वितरण एवं पावर सिस्टम मास्टर गाइड: ट्रांसफॉर्मर, HT/LT सप्लाई, केबल, अर्थिंग और प्रोटेक्शन।
बुक 2 — इलेक्ट्रिकल पैनल एवं मोटर कंट्रोल मास्टर गाइड: कंट्रोल पैनल, DOL व स्टार-डेल्टा स्टार्टर, कॉन्टैक्टर, रिले और मोटर वायरिंग।
हाँ, पूरी किताब आसान हिंदी में है — वैसे ही जैसे साइट पर बात होती है। बस MCB, MCCB, contactor, earthing जैसे टेक्निकल शब्द अंग्रेज़ी में रखे गए हैं, क्योंकि ड्रॉइंग, पैनल और दुकान पर यही नाम इस्तेमाल होते हैं।
हाँ। हर टॉपिक सर्किट डायग्राम और स्टेप-बाय-स्टेप समझाया गया है। बेसिक बिजली की जानकारी हो तो आसानी से पढ़ पाएंगे। लेकिन असली काम किसी अनुभवी इलेक्ट्रीशियन की निगरानी में सीखें — किताब समझ देती है, हाथ का अभ्यास साइट पर ही आता है।
हाँ — DOL और स्टार-डेल्टा स्टार्टर की पावर और कंट्रोल वायरिंग, कॉन्टैक्टर-रिले का काम, और पैनल में कौन-सा कंपोनेंट कहाँ और क्यों लगता है, सब डायग्राम के साथ समझाया गया है।
हाँ। मोटर न चलना, बार-बार ट्रिपिंग, पैनल गर्म होना, अर्थिंग फॉल्ट — ऐसी रोज़ की समस्याओं को कैसे चेक करें और कहाँ से शुरुआत करें, यह बताया गया है। मल्टीमीटर और टेस्टर से सही जांच का तरीका भी है।
यह एक प्रैक्टिकल फील्ड गाइड है, परीक्षा की किताब नहीं — इसमें MCQ या अध्याय के अंत में प्रश्न नहीं हैं। ITI प्रैक्टिकल, इंटरव्यू और नौकरी में काम समझने के लिए बहुत उपयोगी है, पर किसी सिलेबस के हिसाब से नहीं बनी।
अर्थिंग, प्रोटेक्शन डिवाइस और सही वायरिंग प्रैक्टिस पर पूरा ध्यान दिया गया है। बिजली का काम जानलेवा हो सकता है — हमेशा सप्लाई बंद करके, टेस्टर से जांच कर, सही औज़ार और PPE के साथ काम करें। कई राज्यों में वायरिंग के काम के लिए लाइसेंस ज़रूरी होता है, वह अपने राज्य के नियम से जांच लें।
पूरे भारत में फ्री डिलीवरी। 24–48 घंटे में डिस्पैच और ज़्यादातर जगहों पर 3–7 दिन में डिलीवरी, पार्सल निकलते ही ट्रैकिंग लिंक। ₹49 में पार्शियल COD — बाकी पैसे डिलीवरी पर। प्रीपेड ऑर्डर पर एक्स्ट्रा 10% छूट।